इतनी भारी मात्रा में ये टिड्डे (Locusts) हमले क्यों हो रहे हैं?

मई 2020 में कई देशों जैसे ईरान, पाकिस्तान और भारत पर भारी तादात में टिड्डियों का हमला हुआ है जिसमे टिड्डियों की संख्या लाखों में बताई जा रही है| टिड्डियों का ऐसा हमला पिछले 27 सालों में किसी ने नहीं देखा था परन्तु आज यह दृश्य देख लोगों में अफरा तफरी मची हुई है|

सभी देश इन टिड्डियों के इस हमले से बेहद परेशान है क्योंकि इनकी संख्या इतनी ज्यादा है कि ये जिस जगह भी प्रवेश कर रहे हैं वहां की सारी फसलों को खा कर ख़त्म किये जा रहे हैं|

आज हम इस article के माध्यम से यह जानेंगे कि आखिर इन टिड्डियों के इस हमले के पीछे कौन सी वजह है और यह टिड्डी का कौन सा रूप है जो इतनी बड़ी तबाही करने में सक्षम है|


टिड्डियां क्या हैं?

Locust (टिड्डी) एक ऐसा कीट है जो Grasshopper तथा Cricket की ही प्रजाती का है और ये तीनो एक ही कीट परिवार के सदस्य होते हैं| Locust आमतौर पर गर्म रेगिस्तानी इलाकों में ही पाए जाते है |

Locust आमतौर पर दो रूपों में पाए जाते है-
जब यह अकेला होता है तो यह Solitary Phase में पाया जाता है जिसमे इसका रंग हरा होता है, परन्तु मौसम अगर नम हो जाये तो यह मौसम इनके बदलाव में सहायक होते है| उस समय इनका अलग ही एक रूप दिखाई पड़ता है जिसमे यह Gregariour Phase बदल जाते है और तब इनका रंग भूरा हो जाता है|

टिड्डियों की विशेषताएं

Gregarious Phase में इनकी क्षमताओं में भी वृद्धि हो जाती है जैसे इनकी खाने में वृद्धि,उड़ने की क्षमताओं में वृद्धि, इनके दिमाग में भी वृद्धि हो जाती है|

इस अवस्था में Locusts अपने वजन के बराबर खाना खा सकते हैं तथा एक दिन में 150 KM तक की दुरी तक उड़ने की भी क्षमता रखते हैं|

यह Locusts solitary से Gregarious Phase में कभी भी अपने जीवन काल में बदल सकते है इनके बदलने के लिए मौसम इनके अनुकूल होना जरुरी है जैसे बारिश हुई हो, मिट्टी नम हो,Vegetation की कमी न हो इत्यादि ये सभी कारण इनके बदलने में सहायक होते है |

Gregarious Phase में ही इनके झुंड का निर्माण होता है इनके खाने की क्षमता में वृद्धि के कारण यह जहाँ से भी गुजरते है सभी फसलों, फुल, पत्तीयों सभी को तबाह करते जाते है |

Locusts के झुंड में होने के कारण इनके झुंड का क्षेत्रफल बहुत बड़ा हो सकता है| इनके सबसे बड़े झुंड का क्षेत्रफल जो Kenya में देखा गया था वह लगभग 2,400 SQ KM तक का था इस बात से यह अंदाजा लगाया जा सकता है की यह कितना विनाशकारी सिद्ध हो सकता है |

इनके झुंड में लगभग 150,000,000 Locusts हो सकते है जो एक दी में 200 से 300 तक के लोगों का खाना खा सकता है |

यह Locusts, Africa Middle East,West Indian क्षेत्रो में पाए जाते है जहाँ पर रेगिस्तानी इलाके मौजूद हैं|

इतिहास में हुए टिड्डियों के हमले

Locusts के द्वारा जो हमला 2020 हुआ है इससे पहले भी 1993 में ऐसा हमला देखा गया था जो काफी ज्यादा विनाशकारी था|


दुनिया के इतिहास को देखा जाये तो Egyptians, Ancients जो हजारों वर्ष पूर्व इस दुनिया में थे उन्होंने भी Locusts की तस्वीर बनाकर Locusts के हमलों को अपनी चित्रकारी में दर्शाया है| कई धार्मिक ग्रंथों जैसे Gita, Bible, Quran इनमे भी Locusts Plague की चर्चा की गयी है |

Final Words

उम्मीद है आपको यह आर्टिकल काफी पसंद आया होगा और आपने भी इन टिड्डियों के बारे में कई नै बातें भी जानी होंगी|

आप इस article को अपने दोस्तों के साथ साझा करके उन्हे भी इस जानकारी से अचम्भित करें और इसी तरह के और भी जानकारी से भरे articles हिंदी में पढने के लिए दोबारा Newsfunders पर जरुर आये|

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