PM मोदी के इस फैसले से चीन को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

भारत Solar Energy के क्षेत्र में बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है मगर जमीनी सच्चाई यह है कि हर Solar project में लगने वाले लगभग हर solar panel और equipment को चीन से इम्पोर्ट किया जाता था| आज भारतीय Solar Equipment market के 90% हिस्से पर चीन का कब्ज़ा है|

एक ओर Solar Energy के माध्यम से हम अपना coal और oil का इम्पोर्ट काबू में करने की कोशिश कर रहे थे तो दूसरी ओर हम Solar Equipment चीन से इम्पोर्ट कर अपने आप को ही धोखा दे रहे थे क्योंकि आयल या गैस एनर्जी हो या सोलर एनर्जी दोनों के लिए हमें कीमती डॉलर खर्च करने पड़ रहे थे, लेकिन अब इतिहास बदलने वाला है|


Solar Energy की ओर एक बड़ा कदम

पिछले साल सरकारी संस्था Solar Energy Corporation of India ने दुनिया में सबसे पहले और सबसे बड़े ऐसे अनोखे प्रोजेक्ट के लिए टेंडर करने वाला था जिसमे न केवल Solar Energy उत्पादन के लिए Solar Plant लगाना था बल्कि Solar Equipment manufacturing के लिए अपनी क्षमता को भी विकसित करना था| इस 45000 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट के तहत 8 GW इलेक्ट्रिसिटी उत्पादन का Solar Plant लगाया जाना है और 2 GW इलेक्ट्रिसिटी को पैदा करने के लिए सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को भी लगाया जाना है|


अब आपको समझ आ गया होगा कि एक प्रोजेक्ट में ही यदि मैन्युफैक्चरिंग और इंस्टालेशन का काम हो जाये तो यह एक तीर से दो शिकार हो जायेगा| आपको शायद पता होगा कि इस प्रोजेक्ट के टेंडर को Adani Green Energy Company ने जीत लिया है और यह कंपनी इस प्लांट से बेहद सस्ती यानि 2.92 रूपए प्रति यूनिट की कीमत पर अगले 25 सालों के लिए बिजली सप्लाई करेगी| इस प्रोजेक्ट में 2 GW solar पॉवर का उत्पादन साल 2022 से शुरू हो जायेगा और बाकी के 6 GW solar पॉवर का उत्पादन साल 2025 से शुरू हो जायेगा|

चीन पर निर्भर नहीं रहना होगा

इस प्रोजेक्ट के माध्यम से भारत सोलर पॉवर के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने जा रहा है और 3 से 5 सालों के बाद भारत एक फूटी कौड़ी के सोलर पैनल भी चीन से इम्पोर्ट नहीं करेगा| साथ ही इस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विकास में दुनिया की सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाने वाला है और इसके लिए Adani Green Energy Company भी बराबर हिस्सेदारी के साथ विदेशी टेक्नोलॉजी पार्टनर की खोज भी कर रही है| जहाँ तक Adani Green Energy Company की बात है तो इस प्रोजेक्ट के बल पर वे दुनिया की सबसे बड़ी Green Energy पैदा करने वाली कंपनी बन जाएगी|

इस प्रोजेक्ट से गरीब लोगों को क्या लाभ मिलेगा?

इस पुरे प्रोजेक्ट के जरिये 4 लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है| यदि भारत के दृष्टिकोण से देखा जाये तो जब यह आत्मनिर्भर अभियान चल रहा है तो यह बहुत ही ज्यादा जरुरी है कि हम सोलर एनर्जी के क्षेत्र में सच्चे मायनों में आत्मनिर्भर बनें|

अंतिम शब्द

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