बिजली क्यों कड़कती है और इससे कैसे बच सकते है?

आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम जानेंगे कि बिजली (Thunder) क्यों कड़कती है और आसमान में कड़कती बिजली (Thunder Strike) से अपना बचाव कैसे कर सकते हैं, तो चलिए पुरे विस्तार से बिजली गिरने तथा इसके प्रभाओं को समझते हैं|

आसमान में बिजली कैसे उत्पन्न होती है?

आकाशीय बिजली पर पहला शोध 18वी सताब्दी में Benjamin Franklin ने किया था उन्होंने बतलाया था कि आकाशीय बिजली में भारी मात्रा में Electricity होती है |

जब Negative Charge का Positive Charge से घर्षण होता है तो Negative- तथा Positive+ एक दुसरे से दूर भागते है यही Charge बिजली बनने तथा गिरने में कार्य करती है| जब तापमान गर्म होता है तब समुद्र तथा नदियों का जल वाष्प बनकर ऊपर आसमान में जाता है| आसमान में यही वाष्प बादलों का रूप ले लेता है जैसे ही यह वाष्प ऊपर जाती है तो ऊपर की शीत लहरों के कारण वाष्प बर्फ का रूप ले लेता है और जब यह बर्फ के टुकड़े आपस में टकराते है तो आवेश उत्पन होता है|



बादल के ऊपर वाले परत पर Positive तथा नीचे वाली परत पर Negative आवेश उत्पन्न होता है इन्ही Positive तथा Negative आवेशों के बीच Spark उत्पन्न होने लगता है तथा गर्म तथा ठंडे वायु के कण आपस में टकराते है जिससे घर्षण भी उत्पन होता है जो आवाज करती है जिससे बिजली कडकती है|

आंधी के तेज़ हवाओं के कारण धरती पर Positive Charge उत्पन्न होने लगती है| जैसा की हमें पता है कि एक ही तरह का Charge एक दुसरे से दूर भागती है तथा विपरित Charge एक दुसरे के समीप आती है| Negative- Charge वाले बादल नीचे फैलना शुरु कर कर देते है और नीचे धरती से Positive+ Charge का फैलाव होने लगता है | जो भी चीज ऊंचाई पर धरती पर होती है जैसे - पेड़, बिल्डिंग उस पर Positive+ charge होती है और वह चीज बादलों से नजदीक भी होती है जब Positive तथा Negative Charge एक दुसरे से टकराते है तो Negative Charge, discharge होकर धरती से टकराते है जिसे हम आकाशीय बिजली के रूप में जानते है|
इस बिजली का तापमान 50000 डीग्री C तक पहुँच जाता है जो की सूर्य के तापमान से 5 गुना ज्यादा होता है |
बिजली गिरने के बाद हमें चमक दिखाई देती है और फिर आवाज सुनाई देती है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रकाश की गति लगभग 2,80,000 km /sec होती है और आवाज कि गति 343 mt/sec है|

मनुष्य पर बिजली गिरने का प्रभाव

भारत में 2500 से भी ज्यादा लोग बिजली गिरने से मरते है 2018 में आंद्रप्रदेश में एक ही दिन 41000 बार बिजली गिरी थी जिसमे 14 व्यक्तियों कि मृत्यु हुई थी |

मनुष्य पर बिजली गिरने से उसकी त्वचा जल जाती है उनको आसानी से ठीक नही किया जा सकता है| आंकड़ों के अनुसार बिजली गिरने से सिर्फ 10% लोगों की मृत्यु हुई है |

बिजली का असर सीधा Nervous System पर पड़ता है जिससे Heart Attack की सम्भावना होती है जो की उस इंसान कि मृयु का कारण बन जाता है|

बिजली के प्रभाव

- Cardiac Arrest
- Seizures
- Brain Injury
- Spinal Cord Damage



Final Words - अंतिम शब्द

उम्मीद है आपको यह आर्टिकल काफी पसंद आया होगा और आपने भी आसमानी बिजली के बारे में कई नई बातें भी जानी होंगी|

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